ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने गुरुवार (22 जनवरी 2026) को कहा कि बॉन्डी बीच में हुए सामूहिक गोलीकांड को रोकने में विफल रहने के लिए उन्हें “गहरा और अत्यंत खेद” है। देश ने इस हमले के पीड़ितों की याद में शोक दिवस मनाया। यह हमला 14 दिसंबर को यहूदी पर्व हनुक्का के आयोजन के दौरान हुआ था, जिसमें एक पिता और पुत्र ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 15 लोगों की हत्या कर दी थी। यह दशकों में ऑस्ट्रेलिया की सबसे भीषण सामूहिक गोलीबारी मानी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, दोनों हमलावर इस्लामिक स्टेट से प्रेरित थे और सरकार ने इसे यहूदी समुदाय के खिलाफ आतंकवादी हमला करार दिया है। शोक दिवस के अवसर पर देशभर में झंडे आधे झुके रहे। सिडनी के प्रतिष्ठित ओपेरा हाउस में आयोजित स्मृति कार्यक्रम में प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने पीड़ितों के परिजनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “आप प्रकाश और स्वतंत्रता के पर्व को मनाने आए थे, लेकिन नफरत की हिंसा के साथ लौटे। मैं दिल से क्षमा चाहता हूं कि हम आपके प्रियजनों को इस बुराई से बचा नहीं सके।” उनके भाषण पर लंबे समय तक तालियां बजीं।
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पिछले महीने भी प्रधानमंत्री ने यहूदी समुदाय और पूरे देश से माफी मांगी थी, हालांकि कुछ परिजनों ने उसे अपर्याप्त बताया था। स्मृति कार्यक्रम शुरू होते ही सिडनी समयानुसार शाम 7 बजे पूरे देश में एक मिनट का मौन रखा गया, जिसमें प्रमुख टीवी चैनल भी शामिल रहे। लोगों ने मोमबत्तियां जलाईं, यहूदी प्रार्थनाएं हुईं और वीडियो श्रद्धांजलि दी गई।
मेलबर्न और पर्थ के क्रिकेट स्टेडियमों सहित कई इमारतों को रोशन किया गया, जबकि ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट के दौरान भी खेल रोककर मौन रखा गया। इस हमले के बाद यहूदी विरोधी हिंसा और हथियार नियंत्रण पर सख्त कदम उठाने की मांग तेज हुई। सरकार ने बंदूक लाइसेंस के लिए कड़े बैकग्राउंड चेक और नफरत भरे भाषण पर मुकदमा चलाने वाले कानून पहले ही पारित कर दिए हैं।
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