केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 12 के प्रश्नपत्रों में QR कोड से जुड़े विवाद पर स्पष्टीकरण जारी किया है। हाल ही में गणित और इतिहास के पेपर में QR कोड स्कैन करने पर अप्रासंगिक कंटेंट सामने आने की खबरों ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी।
गणित के पेपर में 9 मार्च को QR कोड स्कैन करने पर ‘रिकरोल’ प्रैंक से जुड़ा वीडियो सामने आया था, जिसमें गायक रिक एस्टली का मशहूर गाना “नेवर गॉना गिव यू अप” दिखाई देता है। वहीं, 30 मार्च को हुए इतिहास के पेपर में QR कोड स्कैन करने पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरहान अवात्रमानी, जिन्हें ‘ओरी’ के नाम से जाना जाता है, से जुड़ा कंटेंट दिखने की बात कही गई।
इस पूरे मामले पर सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि ये परिणाम पूरी तरह से एल्गोरिदम आधारित सर्च आउटपुट हैं और इनका बोर्ड या परीक्षा प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है। बोर्ड ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर संस्थान की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
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सीबीएसई के अनुसार, प्रश्नपत्रों में दिए गए QR कोड केवल आंतरिक उपयोग के लिए होते हैं, जिनका उद्देश्य परीक्षा की सत्यता और ट्रैकिंग सुनिश्चित करना है। ये QR कोड स्कैन करने पर किसी वेबसाइट का लिंक नहीं खोलते, बल्कि केवल निर्धारित टेक्स्ट दिखाते हैं।
बोर्ड ने यह भी बताया कि यदि कोई उपयोगकर्ता उस टेक्स्ट को गूगल सर्च में डालता है, तो सर्च इंजन अपने एल्गोरिदम के आधार पर अन्य संबंधित या असंबंधित परिणाम दिखा सकता है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।
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