चीन ने आयरलैंड के साथ रणनीतिक संवाद मजबूत करने और व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने की इच्छा जताई है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार (5 जनवरी 2026) को बीजिंग में आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन के साथ बैठक के दौरान यह बात कही। यह बैठक ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित हुई।
राष्ट्रपति शी ने अपने प्रारंभिक वक्तव्य में यह स्पष्ट नहीं किया कि चीन किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है, लेकिन उन्होंने आपसी सम्मान और ‘विन-विन’ यानी दोनों पक्षों के लिए लाभकारी परिणामों को चीन-आयरलैंड संबंधों के दीर्घकालिक और स्थिर विकास के लिए “मूल्यवान अनुभव” बताया। उन्होंने कहा कि यही सिद्धांत दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
चीन ऐसे समय में आयरलैंड के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जब यूरोपीय संघ के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसी पृष्ठभूमि में बीजिंग अलग-अलग यूरोपीय देशों के साथ सीधे संवाद बढ़ाने में रुचि दिखा रहा है। माइकल मार्टिन पिछले 14 वर्षों में चीन का दौरा करने वाले पहले आयरिश प्रधानमंत्री हैं।
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प्रधानमंत्री मार्टिन ने बैठक के दौरान कहा कि आयरलैंड विश्व मंच पर चीन की “अपरिहार्य भूमिका” को स्वीकार करता है, खासकर शांति स्थापना के प्रयासों में। उन्होंने मुक्त व्यापार के प्रति आयरलैंड की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया और कहा कि वैश्विक परस्पर निर्भरता को समझते हुए खुले व्यापार की दिशा में काम करना बेहद जरूरी है।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब बीजिंग ने दो सप्ताह पहले यूरोपीय संघ के डेयरी उत्पादों पर 42.7 प्रतिशत तक के अस्थायी शुल्क लगाने की घोषणा की थी। इसे व्यापक रूप से चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर ईयू द्वारा लगाए गए शुल्क के जवाबी कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
आयरलैंड यूरोप के सबसे बड़े डेयरी निर्यातकों में शामिल है और अपने पारिवारिक फार्मों के 90 प्रतिशत से अधिक उत्पादन का निर्यात करता है, जिसकी सालाना व्यापारिक कीमत लगभग 6 अरब यूरो है। आयरलैंड उन ईयू देशों में शामिल था जिन्होंने चीनी ईवी पर शुल्क लगाने के पक्ष में मतदान किया था।
प्रधानमंत्री मार्टिन गुरुवार (8 जनवरी 2026) तक चलने वाले अपने दौरे के दौरान शंघाई भी जाएंगे।
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