चीन ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के अगले महासचिव के रूप में किसी महिला के चयन का समर्थन किया है। चीन ने कहा है कि वह यह देखकर “बहुत प्रसन्न” होगा कि वैश्विक संगठन की कमान किसी महिला के हाथों में हो।
संयुक्त राष्ट्र अपने 80 वर्षों के इतिहास में अब तक कभी किसी महिला महासचिव का नेतृत्व नहीं देख सका है। यह पद संगठन के सबसे उच्च प्रशासनिक पदों में से एक माना जाता है, जो वैश्विक शांति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
चीन के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लैंगिक समानता और महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र में नेतृत्व पदों पर पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है, लेकिन अब कई देश इस परंपरा को बदलने की बात कर रहे हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगला महासचिव महिला होती हैं, तो यह न केवल ऐतिहासिक होगा बल्कि वैश्विक राजनीति में महिलाओं की भूमिका को भी मजबूत करेगा।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के चयन की प्रक्रिया सदस्य देशों के बीच सहमति पर आधारित होती है, जिसमें सुरक्षा परिषद की सिफारिश के बाद महासभा अंतिम निर्णय लेती है। ऐसे में चीन जैसे स्थायी सदस्य देश का समर्थन किसी भी उम्मीदवार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आने वाले समय में संयुक्त राष्ट्र को पहली महिला महासचिव मिल सकती है।
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