दिल्ली के कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर क्षेत्र में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के एक जवान को घेर लिया और उसके साथ कथित रूप से गंभीर मारपीट की। पुलिस का कहना है कि समय रहते अन्य आरएएफ जवानों ने हस्तक्षेप कर अपने साथी को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे उसकी जान बच सकी।
घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित जवान की शिकायत के आधार पर जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक इस मामले और प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े 9 से अधिक एफआईआर दर्ज किए जा चुके हैं तथा पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आरएएफ के वाहनों में भी तोड़फोड़ की। पुलिस ने कहा कि बार-बार चेतावनी देने और निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था का उल्लंघन किया।
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पुलिस ने इस मामले में दर्ज एफआईआर पार्लियामेंट स्ट्रीट और कनॉट प्लेस थानों में दर्ज की हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023, आर्म्स एक्ट तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। इसके अलावा नई दिल्ली क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के मामले में भी अलग एफआईआर दर्ज की गई है।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि हिंसा किसी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी या नहीं। पुलिस ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों पर हमला और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच के लिए 250 से अधिक वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। वीडियो के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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