पूर्वी भूमध्यसागरीय द्वीप देश साइप्रस ने बुधवार को औपचारिक रूप से यूरोपीय संघ की घूर्णनशील अध्यक्षता संभाल ली। इसके साथ ही साइप्रस का छह महीने का कार्यकाल शुरू हो गया, जिसकी शुरुआत राजधानी निकोसिया में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक से हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा भी शामिल हुए।
यह दूसरी बार है जब साइप्रस को यूरोपीय संघ की अध्यक्षता सौंपी गई है। इस अवसर पर निकोसिया में आयोजित एक औपचारिक समारोह में मध्य पूर्व के कई देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन की उपस्थिति साइप्रस की उस रणनीतिक सोच को दर्शाती है, जिसके तहत वह यूरोप और मध्य पूर्व के बीच एक सेतु की भूमिका निभाना चाहता है।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडूलिडिस ने कहा कि मौजूदा समय में यूरोपीय संघ को कई जटिल और लगातार बढ़ती चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइप्रस की अध्यक्षता का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय संघ की स्वायत्तता को मजबूत करना और यूरोपीय एकीकरण की प्रक्रिया को और आगे बढ़ाना है। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय हालात इस दिशा में ठोस और एकजुट प्रयासों की मांग कर रहे हैं।
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राष्ट्रपति क्रिस्टोडूलिडिस ने बुधवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से निजी मुलाकात करने का कार्यक्रम भी तय किया, जिसके बाद विस्तृत वार्ता में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता शामिल हुए। जेलेंस्की की उपस्थिति को रूस के साथ जारी युद्ध के चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुके यूक्रेन के प्रति यूरोपीय संघ के निरंतर राजनीतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि साइप्रस वर्ष 2004 में यूरोपीय संघ का सदस्य बना था और अब अध्यक्षता के माध्यम से वह संघ की नीतियों और प्राथमिकताओं को दिशा देने की भूमिका में है।
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