महाराष्ट्र में दहेज संबंधी अपराधों में पिछले पांच वर्षों में गिरावट आई है। यह जानकारी सोमवार, 9 मार्च 2026 को राज्य के महिला और बाल विकास मंत्री पंकज भोयर ने दी। उन्होंने विधानसभा में एक कॉलिंग अटेंशन मोशन का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने दहेज प्रथा के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है और सतर्कता समितियों तथा विशेष जांच टीमों के माध्यम से इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मंत्री भोयर ने बताया कि 2022 में दहेज से जुड़े मामले 180 दर्ज किए गए थे, जो 2025 तक घटकर 138 रह गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह गिरावट कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और समाज में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों का परिणाम है।
भोयर ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सरकार ने दहेज विरोधी कानून को लागू करने के लिए महाराष्ट्र दहेज निषेध नियम, 2003 को महिला और बाल विकास विभाग द्वारा अधिसूचित किया है। इन नियमों के तहत दहेज लेने और देने के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है।
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मंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने विधानसभा में यह आश्वासन भी दिया कि आगे भी दहेज प्रथा के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भोयर ने कहा कि दहेज प्रथा को समाज से समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों और स्थानीय समितियों को मिलकर काम करना होगा।
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