श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान हो चुका है। पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा, जबकि दूसरा मुकाबला कोलंबो में होगा। टीम चयन के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल उठाते हुए तेज़ गेंदबाज़ औकिब नबी को टीम में शामिल न किए जाने पर नाराज़गी जताई है।
इरफ़ान पठान का कहना है कि घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले औकिब नबी को नजरअंदाज करने का कोई तार्किक कारण दिखाई नहीं देता। नबी ने हाल के प्रथम श्रेणी सत्र में 60 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था और जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पठान ने कहा कि केवल गेंदबाज़ की रफ्तार नहीं, बल्कि यह भी देखा जाना चाहिए कि वह बल्लेबाज़ों को कितना परेशान कर रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि रणजी ट्रॉफी फाइनल में औकिब नबी ने केएल राहुल सहित कई अनुभवी बल्लेबाज़ों को मुश्किल में डाल दिया था। ऐसे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में मौका नहीं मिलना निराशाजनक है।
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पूर्व ऑलराउंडर ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मोहम्मद सिराज को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में खिलाए जाने का भी उदाहरण दिया। उनका कहना था कि जब वह मुकाबला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं था, तब औकिब नबी जैसे उभरते खिलाड़ी को मौका दिया जा सकता था। इससे घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ता।
इरफ़ान पठान ने कहा कि यदि चयन का आधार घरेलू प्रदर्शन है, तो औकिब नबी को अवसर मिलना चाहिए था। अब श्रीलंका दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम पर चयनकर्ताओं के इस फैसले को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज़ हो गई है और कई विशेषज्ञ भी इस मुद्दे पर अपनी राय दे रहे हैं।
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