भुवनेश्वर पुलिस ने एक बड़े अंतर-राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार (12 जनवरी 2026) को बताया कि यह कार्रवाई एक पुख्ता सूचना के आधार पर की गई। रविवार (11 जनवरी 2026) को भुवनेश्वर के बड़ागड़ा थाना क्षेत्र में स्थित एक मकान पर छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा गया।
गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों में से सात बिहार के, चार केरल के और एक ओडिशा का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह भुवनेश्वर में बैठकर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। ठगी में शामिल कुल राशि का आकलन किया जा रहा है और जांच अभी जारी है।
पुलिस आयुक्त एस. देव दत्त सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने 30 बेसिक कीपैड मोबाइल फोन, 30 स्मार्टफोन, दो लैपटॉप, स्क्रैच कार्ड और कुछ संदिग्ध पत्र जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि गिरोह संगठित तरीके से लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में संलिप्त था।
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भुवनेश्वर के डीसीपी जगमोहन मीणा ने बताया कि आरोपी तीन अलग-अलग तरीकों से लोगों को ठगते थे। पहला तरीका फर्जी गिफ्ट वाउचर का लालच देकर ठगी करना था। दूसरा, लॉटरी टिकट जीतने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठे जाते थे। तीसरे तरीके में आसान शर्तों पर लोन दिलाने का झूठा वादा कर पीड़ितों से शुल्क वसूला जाता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह ने अलग-अलग राज्यों के कई लोगों को ठगा है। मामले में डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर से सतर्क रहें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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