ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में पलटवार शुरू कर दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
आईआरजीसी के अनुसार, जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले की जानकारी दी। हालांकि, इन दावों की अमेरिकी अधिकारियों की ओर से तत्काल पुष्टि नहीं की गई।
जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई 13 में से 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया। तीन मिसाइलें आबादी वाले इलाकों से दूर गिरीं और शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। वहीं, कुवैत ने भी ईरानी जवाबी कार्रवाई के दौरान ड्रोन हमलों के खिलाफ अपनी वायु रक्षा प्रणालियों के सक्रिय होने की जानकारी दी।
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इससे पहले अमेरिकी सेना ने ईरान में आईआरजीसी से जुड़े ठिकानों पर नए हवाई हमले किए थे। अमेरिका ने इन हमलों को होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की ईरान की कथित कोशिश और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमले के जवाब में की गई कार्रवाई बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि यदि उसने जवाबी कार्रवाई की तो अमेरिका और अधिक ताकत के साथ हमला करेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर से किसी भी नए हमले का जवाब “कहीं ज्यादा कठिन और ऊंचे स्तर” पर दिया जाएगा।
ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि यदि तनाव और बढ़ा तो ईरान के खिलाफ इससे भी बड़ा हमला किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि भविष्य की कार्रवाई के बाद ईरान के इस्लामिक गणराज्य के पास बहुत कम बचेगा।
मध्य पूर्व में लगातार सामने आ रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के दावों के बीच क्षेत्रीय देशों ने अपनी वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय कर दी हैं। स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और किसी भी नए हमले से संघर्ष के और फैलने की आशंका बढ़ गई है।
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