अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तेहरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब दिया, तो ईरान पर पहले से कहीं ज्यादा कठोर और बड़े स्तर पर हमला किया जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर “बड़े और शक्तिशाली” हमले कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई ईरान द्वारा जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कथित कोशिश और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर आठ मिसाइलें दागे जाने के जवाब में की गई है।
ट्रंप के मुताबिक, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने पर दागी गई सभी आठ मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने जवाबी हमला किया तो अमेरिका और भी “कठिन और ऊंचे स्तर” पर कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि इससे भी बड़ा हमला अभी “तैयार” है और उसके बाद ईरान के इस्लामिक गणराज्य के पास बहुत कम बचेगा।
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अमेरिकी सेना ने दो दिनों में दूसरी बार होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर हमले किए। ट्रंप ने कहा कि निशाने पर ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) भी था।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान को “विफल राष्ट्र” बताया। उन्होंने दावा किया कि देश में महंगाई बेहद ज्यादा है, मुद्रा कमजोर हो चुकी है और ईरानी सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना की मदद से वहां तेल का आवागमन जारी है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना हर रात करीब 30 जहाजों को आगे बढ़ने में मदद कर रही है, जिसके कारण तेल की कीमतों में अपेक्षित तेजी नहीं आई है।
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार होने की स्थिति में इजरायल और पूरे पश्चिम एशिया के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
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