ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ‘आर्थिक युद्ध’ की चेतावनी दी है। ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोसेन रेजाई ने सोमवार को कहा कि यदि आर्थिक युद्ध जारी रहा तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य या फारस की खाड़ी से तेल की एक बूंद भी निर्यात नहीं होने देगा।
रेजाई ने कहा कि ईरानी जनता के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक युद्ध में शामिल होने या उसका समर्थन करने वाले किसी भी देश की कार्रवाई को ईरान ‘युद्ध की कार्रवाई’ मानेगा। उन्होंने अन्य देशों को अमेरिका का समर्थन करने के खिलाफ चेतावनी भी दी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की बात कह रहे हैं। ईरान और ओमान के बीच स्थित यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। यहां लंबे समय से जारी गतिरोध के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है और कच्चे तेल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ा है।
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होर्मुज को लेकर अमेरिका-ईरान तनाव
ट्रंप प्रशासन पर होर्मुज में जारी गतिरोध खत्म करने का दबाव बढ़ रहा है। उसके कुछ सहयोगी भी ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने की मांग कर चुके हैं। इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य खोले जाने की स्थिति में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने और परमाणु समझौते की कोशिश छोड़ने पर विचार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, ईरान और ओमान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर समझौता किया है। दोनों देश इसके प्रबंधन और संभावित शुल्क व्यवस्था पर भी चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप का कहना है कि यह जलमार्ग सभी जहाजों के लिए स्वतंत्र रहना चाहिए।
ट्रंप ने ओमान को ईरान के साथ समझौते को लेकर चेतावनी भी दी है। इस बीच, एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 48 घंटों में होर्मुज में किसी पुष्ट हमले की जानकारी नहीं मिली, लेकिन जहाजों की आवाजाही अभी भी सामान्य से काफी कम है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, रविवार को 70 वाणिज्यिक जहाजों को ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी के कारण अपना मार्ग बदलना पड़ा।
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