वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कई महत्वपूर्ण दावे किए। उन्होंने कहा कि ईरान इस समय अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए “बेहद बेताब” है और वार्ता की वास्तविक स्थिति के बारे में केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही जानकारी है।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता लगभग पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। उनके अनुसार, तेहरान के ड्रोन कारखाने करीब 82 प्रतिशत तक नष्ट हो चुके हैं, जबकि मिसाइल निर्माण इकाइयों को लगभग 90 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था तेजी से गिरावट की ओर बढ़ रही है और उस पर लगाया गया आर्थिक प्रतिबंध बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। ट्रंप के मुताबिक, इन प्रतिबंधों के कारण ईरान को तेल से होने वाली आय लगभग बंद हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले दो महीनों में वहां 42,000 लोगों की हत्या की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान आठ महिलाओं को फांसी देने की तैयारी कर रहा था, जिसे उनके हस्तक्षेप के बाद रोका गया। ट्रंप ने इसे “युद्ध” नहीं बल्कि “सैन्य अभियान” बताया और कहा कि उनका उद्देश्य स्थिति को नियंत्रित करना है।
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ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, भले ही ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को नागरिक उपयोग के लिए बताता रहा हो। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ईरान के नेतृत्व और वार्ता की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई की संभावना फिलहाल कम है।
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