ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने दोबारा हमला किया तो पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष हिंद महासागर तक फैल सकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध का दायरा फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर से आगे बढ़ सकता है।
सफवी ने कहा कि संघर्ष पहले ही फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से लाल सागर तक पहुंच चुका है। ऐसे में नए हमले की स्थिति में युद्ध का मोर्चा और आगे बढ़कर हिंद महासागर तथा उससे भी आगे तक पहुंच सकता है।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। हालांकि, दोनों देशों के बीच बातचीत के प्रयास भी जारी हैं और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी हुई है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में ईरान को लेकर कहा था कि उनके सामने समझौते और इस्लामिक गणराज्य को नष्ट करने के बीच बड़ा फैसला है।
इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी वैश्विक चिंता बढ़ी हुई है। यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। संघर्ष के यहां फैलने से समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
ईरान ने ट्रंप की धमकियों को खारिज करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 29 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद हुई थी। इसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया।
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