ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ताजा अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने वॉशिंगटन को अपनी “नई रणनीति” के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रजाई ने बुधवार, 2 सितंबर को कहा कि तेहरान युद्ध के मैदान, कूटनीति और आर्थिक दबाव का मुकाबला करने के लिए नई रणनीति अपनाएगा।
रजाई ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह अपने लिए बनाए गए संकट से बच नहीं पाएगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नई रणनीति अमेरिका की “बुनियाद हिला देगी।” उनका यह बयान दोनों देशों के बीच कई सप्ताह बाद हुए सबसे बड़े हमले के आदान-प्रदान के एक दिन बाद आया है।
अमेरिका और ईरान में फिर हमले
अमेरिकी सेना ने ईरान के तटवर्ती इलाकों, होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से तथा देश के पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिणी प्रांतों में कई ठिकानों पर हमले किए। ईरान के अनुसार, होर्मुज के पास कुहैस्तक इलाके में अमेरिकी हमले में एक शादी समारोह में शामिल चार लोगों की मौत हुई और 68 लोग घायल हुए।
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इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन और इराक के स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र के एरबिल में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। हालांकि, खाड़ी देशों ने बार-बार कहा है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए नहीं होने देंगे।
दोनों देशों के बीच संघर्ष में होर्मुज जलडमरूमध्य अहम केंद्र बना हुआ है। ईरान ने संघर्ष शुरू होने के बाद से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को काफी हद तक बाधित रखा है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी लागू की है।
ईरान ने बताया ‘युद्ध अपराध’
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने हमले की निंदा करते हुए इसे “युद्ध अपराध” बताया। ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी अमेरिका पर तीखा हमला किया।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जवाबी हमले जारी रखने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि ऐसा होने पर अमेरिका और बड़े स्तर पर जवाब देगा।
तनाव बढ़ने के बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि यदि अमेरिका संघर्ष खत्म करने के लिए कूटनीतिक समझौते की दिशा में कोई पहल करता है, तो तेहरान उसका जवाब देने के लिए तैयार रहेगा।
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