इजरायल की वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान के मध्य क्षेत्र में बड़ा हवाई हमला किया। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व परिसर के नीचे बने एक भूमिगत बंकर को निशाना बनाया गया। इजरायली वायुसेना के अनुसार इस ऑपरेशन में लगभग 50 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। यह हमला इजरायल की सैन्य खुफिया एजेंसी की सटीक जानकारी और खुफिया संगठन मोसाद के समन्वय से किया गया।
इजरायली सेना ने बताया कि यह बंकर खामेनेई के लिए एक सुरक्षित आपातकालीन ठिकाने के रूप में बनाया गया था, जहां से युद्ध के समय संचालन किया जा सके। हालांकि, इजरायल के अनुसार ऑपरेशन “रोअरिंग लायन” के दौरान पहले ही हमलों में खामेनेई मारे जा चुके थे, इसलिए उन्होंने इस बंकर का इस्तेमाल नहीं किया। उनके बाद भी यह परिसर ईरानी शासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उपयोग में लाया जा रहा था।
इजरायली वायुसेना के बयान के मुताबिक यह भूमिगत बंकर तेहरान के बीचों-बीच कई सड़कों तक फैला हुआ था और इसमें कई प्रवेश द्वार तथा बैठक कक्ष बनाए गए थे, जहां ईरानी शासन के वरिष्ठ अधिकारी बैठकों के लिए जुटते थे। सेना ने दावा किया कि इस हमले से ईरानी शासन की कमान और नियंत्रण क्षमता को बड़ा झटका लगा है।
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इजरायली सेना ने हमलों की नई लहर शुरू होने की भी घोषणा की। प्रत्यक्षदर्शियों ने तेहरान और केरमानशाह के पास मिसाइल ठिकानों के आसपास तेज धमाकों की आवाजें सुनीं। इजरायल का दावा है कि उसने ईरान की अधिकांश वायु रक्षा प्रणालियों और मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट कर दिया है।
जवाब में ईरान ने कुवैत, कतर, सऊदी अरब और बहरीन की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इन हमलों में तत्काल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति और वैश्विक हवाई यात्रा पर भी असर पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार अब तक ईरान में कम से कम 1,230 लोगों की मौत, लेबनान में 120 से अधिक, इजरायल में करीब एक दर्जन और छह अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
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