इज़राइल ने घोषणा की है कि देश में 27 अक्टूबर को नेसेट (संसद) के चुनाव कराए जाएंगे। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक बार फिर सत्ता में वापसी की कोशिश करेंगे। खास बात यह है कि लगभग 40 वर्षों में यह पहला अवसर होगा जब इज़राइल में संसद अपना पूरा चार वर्षीय कार्यकाल पूरा करने के बाद आम चुनाव हो रहे हैं।
नेसेट की हाउस कमेटी के अध्यक्ष और लिकुड सांसद ओफिर काट्ज़ ने चुनाव की तारीख की घोषणा करते हुए बताया कि मौजूदा संसद 17 जुलाई को अपना पूर्ण कार्यकाल पूरा करेगी। वहीं, नेसेट की कानूनी सलाहकार सागित अफिक ने भी स्पष्ट किया कि नेतन्याहू सरकार संसद का कार्यकाल समय से पहले समाप्त करने के पक्ष में नहीं है, इसलिए इस बार संसद भंग करने के लिए किसी विशेष कानून की आवश्यकता नहीं होगी।
इज़राइल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सीटों की जरूरत होती है। वर्तमान में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में दक्षिणपंथी गठबंधन सत्ता में है। इस गठबंधन में लिकुड, शास, यूनाइटेड टोरा जूडाइज़्म, रिलिजियस ज़ायनिज़्म और ओत्ज़मा यहूदित जैसी पार्टियां शामिल हैं।
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यदि बेंजामिन नेतन्याहू चुनाव जीतते हैं, तो यह उनका सातवां प्रधानमंत्री कार्यकाल होगा। वह पहले ही इज़राइल के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री हैं। हालांकि, हाल ही में प्रकाशित एक सर्वेक्षण के अनुसार, सत्तारूढ़ गठबंधन को इस बार स्पष्ट बहुमत हासिल करने में कठिनाई हो सकती है। सर्वे में गठबंधन को लगभग 54 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि विपक्षी दलों को 65 सीटें मिल सकती हैं।
उधर, विपक्ष नेतन्याहू से तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि गाज़ा और लेबनान में सैन्य अभियानों समेत कई नीतियों के कारण सरकार की लोकप्रियता घटी है। विपक्षी नेताओं का दावा है कि आगामी चुनाव में सत्ता परिवर्तन होगा और नई सरकार का गठन किया जाएगा।
ऐसे में 27 अक्टूबर का चुनाव इज़राइल की राजनीति की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मुकाबला माना जा रहा है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
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