तेलंगाना में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए राज्य की राजनीति में नया घमासान खड़ा कर दिया है।
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कालेश्वरम परियोजना को लेकर जनता को गुमराह कर रही है और पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार द्वारा शुरू की गई इस महत्वपूर्ण सिंचाई योजना को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
केटीआर ने कहा कि कालेश्वरम परियोजना तेलंगाना के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही है और इससे राज्य के कई क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ। उन्होंने कांग्रेस सरकार से परियोजना को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
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वहीं, कांग्रेस सरकार का कहना है कि कालेश्वरम परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और इसकी जांच जरूरी है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार पहले भी बीआरएस शासन के दौरान हुए निर्माण कार्यों और खर्च को लेकर सवाल उठा चुकी है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि परियोजना की योजना और क्रियान्वयन में खामियां थीं, जिसके कारण राज्य के खजाने पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा। सरकार का कहना है कि वह तथ्यों को सामने लाने के लिए जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना तेलंगाना की सबसे बड़ी सिंचाई योजनाओं में से एक मानी जाती है। इस परियोजना को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बहस होती रही है। आगामी चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा दोनों प्रमुख दलों के बीच सियासी संघर्ष का केंद्र बन गया है।
बीआरएस और कांग्रेस के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप से साफ है कि कालेश्वरम परियोजना आने वाले दिनों में भी तेलंगाना की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनी रहेगी।
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