केरल में बिजली की बढ़ती मांग ने कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। सितंबर में राज्य की अधिकतम बिजली मांग 5,000 मेगावाट के पार पहुंच गई है और रात में बिजली प्रतिबंध दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके हैं। सरकार महंगी बिजली खरीदने को भी तैयार है।
बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने कहा कि फिलहाल बिजली प्राथमिकता है, कीमत नहीं। सरकार जरूरत पड़ने पर करीब 30 रुपये प्रति यूनिट तक बिजली खरीदने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के अनुसार, केरल हर साल बाहरी स्रोतों से बिजली खरीदने पर करीब 13,000 करोड़ रुपये खर्च करता है, जो इस साल बढ़कर 16,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
केरल अपनी कुल बिजली खपत का केवल करीब एक चौथाई ही खुद पैदा करता है। बाकी जरूरत केंद्रीय उत्पादन केंद्रों और दूसरे राज्यों से खरीदकर पूरी की जाती है। सितंबर में मांग सामान्य 3,900 से 4,200 मेगावाट के मुकाबले 5,000 मेगावाट पार कर गई, जिससे करीब 1,000 मेगावाट का अंतर पैदा हुआ।
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इस संकट के पीछे कमजोर मानसून भी एक कारण है। राज्य में मानसूनी बारिश करीब 22 प्रतिशत कम हुई है, जिससे जलविद्युत उत्पादन पर असर पड़ा है। साथ ही एयर कंडीशनर और इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से बिजली की खपत बढ़ रही है।
2019 से 2026 के बीच केरल में करीब 4.28 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए हैं। इनमें लगभग 3.31 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया, 66 हजार चारपहिया और 30,700 इलेक्ट्रिक ऑटो शामिल हैं। हालांकि, EV को संकट का मुख्य कारण नहीं माना जा रहा है। असली समस्या यह है कि बड़ी संख्या में वाहन शाम के समय चार्ज होते हैं, जब बिजली की मांग पहले ही चरम पर होती है।
सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ने के बावजूद समस्या बनी हुई है, क्योंकि सौर बिजली दिन में उपलब्ध होती है, जबकि शाम के समय मांग तेजी से बढ़ती है। KSEB ने लोगों से शाम छह बजे से आधी रात तक बिजली की खपत कम करने और EV चार्जिंग जैसे भारी इस्तेमाल को दूसरे समय में करने की अपील की है।
सरकार का कहना है कि पिछली सरकार के समय हुए दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों को रद्द करने से मौजूदा संकट गहरा हुआ। वहीं, विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने इस दावे को खारिज किया है।
मुख्यमंत्री ने अक्टूबर में नई बिजली नीति लाने की बात कही है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा और सौर बिजली पर जोर होगा। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सितंबर में राज्य की बिजली आपूर्ति बनाए रखना है।
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