सीरिया के अलेप्पो शहर से कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज़ (एसडीएफ) के अंतिम लड़ाके भी शहर छोड़कर चले गए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी है। यह घटनाक्रम कई दिनों तक चली हिंसक झड़पों के बाद हुए युद्धविराम समझौते के तहत हुआ, जिसके बाद लड़ाकों और आम नागरिकों को सुरक्षित निकासी की अनुमति दी गई।
अलेप्पो के गवर्नर अज़्ज़ाम अल-ग़रीब ने रविवार तड़के बताया कि सरकारी बलों के समन्वय से एसडीएफ लड़ाकों को बसों के ज़रिये रातोंरात शहर से बाहर ले जाया गया। उन्होंने कहा कि अब अलेप्पो “एसडीएफ लड़ाकों से पूरी तरह खाली” हो चुका है।
एसडीएफ के कमांडर मज़लूम अब्दी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के माध्यम से युद्धविराम और सुरक्षित निकासी को लेकर सहमति बनी है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि इस समझौते के तहत मृतकों, घायलों, फंसे हुए नागरिकों और लड़ाकों को अशरफियेह और शेख़ मक़सूद इलाकों से उत्तरी और पूर्वी सीरिया ले जाया गया।
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मज़लूम अब्दी ने मध्यस्थों से अपील की कि वे अपने वादों पर कायम रहें, उल्लंघनों को रोकें और विस्थापित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों को अब भी अपने घर लौटने का इंतजार है।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब सीरियाई सेना ने कुर्द बहुल शेख़ मक़सूद इलाके पर नियंत्रण कर लिया। इससे पहले एसडीएफ को राष्ट्रीय सेना में शामिल करने को लेकर चल रही बातचीत विफल हो गई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच भीषण झड़पें शुरू हो गईं।
इन झड़पों में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई, जबकि 1.5 लाख से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए। हालात ने एक बार फिर सीरिया में लंबे समय से जारी संघर्ष और मानवीय संकट को उजागर कर दिया है।
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