अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस में हुई घातक गोलीबारी को लेकर एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें घटना को एक ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) अधिकारी के दृष्टिकोण से दिखाया गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है।
शुक्रवार को मिनेसोटा की एक अभियोजक ने जनता से अपील की कि वे रेनी गुड की मौत से जुड़ी किसी भी रिकॉर्डिंग या सबूत को जांच एजेंसियों के साथ साझा करें। यह अपील ऐसे समय में की गई है जब ऑनलाइन जारी 47 सेकंड के वीडियो में ICE अधिकारी जोनाथन रॉस द्वारा की गई फायरिंग के अंतिम क्षण दिखाई दे रहे हैं।
यह वीडियो मिनेसोटा स्थित कंजर्वेटिव ने प्रकाशित किया था, जिसे बाद में अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में दिखता है कि सायरन की आवाज के बीच अधिकारी गुड की कार के चारों ओर घूमते हुए अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग कर रहा है। उसी समय गुड की पत्नी भी मोबाइल से घटना रिकॉर्ड कर रही थीं।
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वीडियो के अनुसार, अधिकारी कार से बाहर निकलने का आदेश देते हैं। इसके बाद कार थोड़ी पीछे जाती है और फिर आगे बढ़ती है, तभी अधिकारी रॉस गोलियां चला देता है। इसके बाद कैमरा हिलता है और गुड की कार सड़क पर खड़ी अन्य गाड़ियों से टकराती हुई दिखाई देती है।
इस घटना के बाद मिनियापोलिस और पोर्टलैंड सहित कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। ट्रंप प्रशासन ने अधिकारी के कदम का बचाव करते हुए इसे आत्मरक्षा बताया है, जबकि मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने इस दलील को “बकवास” करार दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह वीडियो बल प्रयोग के सवालों के साथ-साथ अधिकारियों के प्रशिक्षण पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। रेनी गुड की मौत ने अमेरिका में आव्रजन कार्रवाई और पुलिस बल प्रयोग को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।
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