जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड ने बुधवार को नागपुर स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के व्यापक आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए बहु-चरणीय रोडमैप का ऐलान किया। कंपनी का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य हवाई अड्डे की यात्री क्षमता बढ़ाना, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और भविष्य की बढ़ती विमानन जरूरतों को पूरा करना है।
जीएमआर एयरपोर्ट्स के अनुसार, यह विस्तार योजना कई चरणों में लागू की जाएगी। इसके तहत नए टर्मिनल ढांचे का विकास, रनवे और एयरसाइड सुविधाओं का उन्नयन, यात्री सेवाओं में सुधार, सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाना तथा डिजिटल तकनीकों का अधिक उपयोग शामिल होगा। कंपनी का लक्ष्य यात्रियों को तेज, सुरक्षित और विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
कंपनी ने कहा कि नागपुर की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति इसे देश के प्रमुख विमानन और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित करने की बड़ी संभावना रखती है। इसी को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को भविष्य की मांग के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
और पढ़ें: मंदिर दान चोरी मामले पर संजय राउत का बीजेपी पर हमला, बोले- जहां भाजपा का नियंत्रण, वहीं दिख रही अनियमितताएं
इस परियोजना से क्षेत्रीय आर्थिक विकास, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण उद्योगों और निवेशकों को भी लाभ मिलेगा, जिससे विदर्भ क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।
जीएमआर एयरपोर्ट्स ने यह भी स्पष्ट किया कि विस्तार कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि यात्रियों की नियमित सेवाएं प्रभावित न हों। निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों और परिचालन व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
कंपनी का मानना है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद नागपुर का डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के आधुनिक और सक्षम हवाई अड्डों में शामिल होगा तथा मध्य भारत के विमानन नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी।
और पढ़ें: भारी बारिश पर अमित शाह सतर्क, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों से की बात, हरसंभव मदद का भरोसा