नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी में संभावित बाढ़ को लेकर रविवार, 11 अक्टूबर को चेतावनी जारी की गई है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और सुरक्षित रहने के लिए ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है।
प्राधिकरण के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर अलर्ट जारी किया। चेतावनी के अनुसार, गोरखा जिले के चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका-6 क्षेत्र से नदी में पानी का बड़ा प्रवाह आने की आशंका है। लोगों को त्रिशूली दोभान तक नदी के आसपास के क्षेत्रों से दूर रहने और बाढ़ का पानी गुजरने तक ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों से सतर्क रहने तथा स्थिति सामान्य होने तक नदी के तटों पर नहीं जाने को कहा है।
अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के बाद नई चिंता
नेपाल में यह चेतावनी ऐसे समय जारी हुई है, जब देश 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के प्रभावों से उबरने की कोशिश कर रहा है। उस आपदा में भोटे कोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में भारी तबाही हुई थी। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन सहित कई जिले प्रभावित हुए थे।
और पढ़ें: भारी बारिश के बीच सीएम धामी ने आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की
रिपोर्ट के मुताबिक, 5 अक्टूबर को मुख्य खोज और बचाव अभियान समाप्त कर पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया गया। अगस्त की आपदा में कम से कम 1,455 लोगों की मौत की सूचना थी, जबकि 5,285 लोग लापता बताए गए थे। बाढ़ से मकानों, सड़कों, पुलों, खेतों और जलविद्युत ढांचे को भी नुकसान पहुंचा था।
स्थानीय खबरों के अनुसार, गोरखा जिले के इलाके से बड़ी मात्रा में गादयुक्त पानी नीचे की ओर बह रहा है। इससे नदी के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
पश्चिमी नेपाल में भूकंप
इस बीच, 7 अक्टूबर को पश्चिमी नेपाल के बाजुरा जिले में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था। नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, भूकंप रात 9 बजकर 37 मिनट पर आया। हालांकि, भूकंप और बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ की चेतावनी के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
और पढ़ें: अमित शाह का शून्य आपदा मृत्यु का लक्ष्य, इसरो की चेतावनियां बता रही हैं हिमालय के बढ़ते खतरे