अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ओहायो में आयोजित डेमोक्रेटिक पार्टी की एक रैली में वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। ओबामा ने अपने संबोधन में ट्रंप की नीतियों को 'क्रूरता और भ्रष्टाचार' करार देते हुए कहा कि उन्होंने लगातार खराब फैसलों की एक श्रृंखला चुनी है।
अपने भाषण में ओबामा ने अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने इसे ट्रंप के उन निर्णयों के उदाहरण के तौर पर पेश किया, जिन्हें उन्होंने गलत और नुकसानदेह बताया। ओबामा के अनुसार, ट्रंप प्रशासन की नीतियों ने न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में भी गंभीर समस्याएं पैदा की हैं।
यह रैली ओहायो राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थन में आयोजित की गई थी, जहां ओबामा ने पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण के जरिए डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की और मतदाताओं से आगामी चुनावों में सही निर्णय लेने की अपील की।
और पढ़ें: ब्रिस्बेन के पास लोगनहोम में बॉक्सिंग आयोजन के बाहर गोलीबारी, चार लोग घायल
ओबामा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में राजनीतिक माहौल गरम है और डेमोक्रेटिक व रिपब्लिकन पार्टियों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। ट्रंप की विदेश नीति, विशेष रूप से मध्य पूर्व में उनकी भूमिका को लेकर विपक्षी खेमे से लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं।
पूर्व राष्ट्रपति ओबामा, जो डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं, समय-समय पर पार्टी के प्रचार अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी इस रैली में उपस्थिति और ट्रंप पर सीधा हमला पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
ओबामा ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप के फैसले केवल नीतिगत भूल नहीं बल्कि जानबूझकर उठाए गए कदम थे, जिनका सीधा असर अमेरिकी जनता और वैश्विक राजनीति पर पड़ा है। उन्होंने अमेरिका-इज़राइल-ईरान संघर्ष को इस बात का प्रमाण बताया कि किस तरह गलत फैसले बड़े पैमाने पर अस्थिरता पैदा कर सकते हैं।
इस रैली के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओबामा का यह बयान आगामी चुनावी माहौल में डेमोक्रेटिक पार्टी की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसमें पार्टी ट्रंप प्रशासन की नीतियों को निशाना बनाकर जनसमर्थन हासिल करने का प्रयास कर रही है। ओहायो जैसे महत्वपूर्ण राज्य में इस तरह की रैलियां पार्टी के लिए आगामी चुनावों में निर्णायक साबित हो सकती हैं।
और पढ़ें: मणिपुर में सभी 36 समुदायों को एकजुट करने के लिए बनेगी समिति: मुख्यमंत्री यमनाम खेमचंद