अमेरिका की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की एक हालिया रिपोर्ट में पाकिस्तान को लेकर गंभीर खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान अब भी कई आतंकी संगठनों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है, जो भारत, खासकर जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान और उसकी सेना ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में “असंगत” रवैया अपनाया है। कई मामलों में सरकार आतंकी संगठनों और उनके सदस्यों के खिलाफ पर्याप्त कदम उठाने में विफल रही है।
रिपोर्ट में बताया गया कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे संगठन अब भी पाकिस्तान की जमीन से सक्रिय हैं, जबकि सरकार ने इन्हें प्रतिबंधित कर रखा है। लश्कर-ए-तैयबा 1993 से भारत को निशाना बना रहा है और इसके नेटवर्क पाकिस्तान के अलावा खाड़ी देशों, यूरोप और ब्रिटेन तक फैले हुए हैं।
और पढ़ें: भारत ने अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट पर पाकिस्तान को परमाणु खतरे के रूप में चिन्हित करने पर जताई सहमति
वहीं, जैश-ए-मोहम्मद ने प्रतिबंध के बावजूद अपने नेटवर्क को मजबूत किया है और वैध व्यापार जैसे रियल एस्टेट व अन्य क्षेत्रों के जरिए फंड जुटा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी मसूद अजहर और 2008 मुंबई हमलों से जुड़े साजिद मीर अब भी पाकिस्तान में खुले घूम रहे हैं।
इसके अलावा, अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठन भी पाकिस्तान में सक्रिय हैं। खासतौर पर खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में TTP की मजबूत मौजूदगी बताई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान और भारत को निशाना बनाने वाले कई आतंकी समूहों को पनाह दी है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।
और पढ़ें: ईद से पहले अफगानिस्तान-पाकिस्तान में संघर्ष विराम, अस्थायी रूप से रुकी लड़ाई