फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के कार्यालय ने अमेरिका से अपील की है कि उनके वीज़ा को तुरंत बहाल किया जाए, क्योंकि अगले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की वार्षिक उच्च-स्तरीय बैठक होने जा रही है। यह अपील उस समय की गई है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति अब्बास सहित 80 अन्य फिलिस्तीनी अधिकारियों के वीज़ा रद्द कर दिए हैं।
राष्ट्रपति अब्बास के कार्यालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह कदम कूटनीतिक परंपराओं के खिलाफ है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिलिस्तीनी नेतृत्व की भागीदारी को बाधित करने का प्रयास है। बयान में जोर दिया गया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक फिलिस्तीन के मुद्दे को उठाने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
फिलिस्तीनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि वीज़ा बहाल नहीं किया गया, तो इससे अमेरिका और फिलिस्तीन के संबंधों में और तनाव पैदा होगा। उनका कहना है कि इस तरह का कदम न केवल फिलिस्तीनी नेतृत्व की आवाज़ दबाने की कोशिश है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मानदंडों को भी कमजोर करता है।
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विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद अमेरिका की मध्य पूर्व नीति और इज़राइल-फिलिस्तीन शांति प्रक्रिया पर भी असर डाल सकता है। फिलिस्तीन ने अमेरिका से तुरंत हस्तक्षेप कर वीज़ा बहाल करने की अपील की है, ताकि राष्ट्रपति अब्बास और उनके दल को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने से रोका न जा सके।
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