अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने मिनेसोटा में संभावित तैनाती के लिए करीब 1,500 सक्रिय ड्यूटी सैनिकों को तैयार रहने का आदेश दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कदम राज्य में सरकार की निर्वासन (डिपोर्टेशन) मुहिम के खिलाफ जारी बड़े विरोध प्रदर्शनों के मद्देनज़र उठाया है। वॉशिंगटन पोस्ट ने रक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि यदि उत्तरी राज्य मिनेसोटा में हिंसा बढ़ती है, तो इन सैनिकों को तैनात किया जा सकता है, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें वास्तव में भेजा जाएगा या नहीं।
व्हाइट हाउस ने बयान में कहा कि पेंटागन का किसी भी संभावित राष्ट्रपति निर्णय के लिए तैयार रहना एक सामान्य प्रक्रिया है। रॉयटर्स द्वारा संपर्क किए जाने पर पेंटागन और व्हाइट हाउस ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 जनवरी को चेतावनी दी थी कि यदि राज्य के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) अधिकारियों को निशाना बनाने से नहीं रोकते हैं, तो वह ‘इंसरेक्शन एक्ट’ लागू कर सकते हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि यदि मिनेसोटा के “भ्रष्ट राजनेता” कानून का पालन नहीं करते, तो वह सेना तैनात करेंगे।
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संभावित तैनाती के लिए चुने गए सैनिक ठंडे मौसम में अभियानों के विशेषज्ञ हैं और अलास्का स्थित 11वीं एयरबोर्न डिवीजन के अंतर्गत दो इन्फैंट्री बटालियनों से जुड़े हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मिनियापोलिस में हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब 7 जनवरी को एक ICE एजेंट ने कार से जा रही रेनी गुड नामक अमेरिकी नागरिक महिला को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
ट्रंप प्रशासन ने मिनियापोलिस और सेंट पॉल में करीब 3,000 संघीय एजेंट तैनात किए हैं। स्थानीय नेताओं ने राष्ट्रपति पर संघीय हिंसा को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया है। इस बीच, मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज़ ने राज्य की नेशनल गार्ड को स्थानीय पुलिस की मदद के लिए सक्रिय किया है।
इंसरेक्शन एक्ट एक संघीय कानून है, जो राष्ट्रपति को देश के भीतर विद्रोह या अशांति की स्थिति में सेना या नेशनल गार्ड की तैनाती का अधिकार देता है।
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