प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एक सप्ताह के विदेश दौरे पर फ्रांस और स्लोवाकिया के लिए रवाना हुए। इस दौरे के दौरान वे जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
अपने प्रस्थान वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस को भारत की रणनीतिक साझेदारी का अहम सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से नीस शहर में मुलाकात करेंगे, जहां दोनों नेता भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे। साथ ही वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया की यात्रा करेंगे, जो 1993 में देश की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। वहां वे राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से मुलाकात करेंगे और व्यापारिक नेताओं के साथ संवाद भी करेंगे। मोदी ने इस यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया।
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इसके बाद वे फ्रांस के एवियन में 16–17 जून को आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि लगातार आठवें वर्ष भारत को आमंत्रित किया जाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भारत पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत जी7 में केवल अपने हितों की बात नहीं करेगा, बल्कि वैश्विक दक्षिण (Global South) की आकांक्षाओं को भी आवाज देगा।
18 जून को प्रधानमंत्री पेरिस में आयोजित विवाटेक 2026 कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ भाग लेंगे। इसके अलावा वे फ्रांस में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी योजनाओं ने नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप केंद्रों में शामिल हो चुका है, जहां छोटे शहरों और गांवों के युवा भी बड़ी सफलता हासिल कर रहे हैं।
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