अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरि ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले उनके इस्तीफे को लेकर केवल अटकलें चल रही थीं, लेकिन अब ट्रस्ट नेतृत्व ने इसकी पुष्टि कर दी है।
ट्रस्ट द्वारा जारी बयान में यह भी बताया गया है कि एक अन्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, दान गणना प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चंपत राय की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि जांच में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्होंने सीधे तौर पर दान गणना या निगरानी प्रक्रिया को संचालित किया था या नहीं, लेकिन आरोप है कि संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
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सूत्रों के मुताबिक, कुछ गिरफ्तार आरोपियों की नियुक्ति दान गणना कार्य में चंपत राय और अनिल मिश्रा की सिफारिश पर की गई थी। इसके साथ ही कुछ कर्मियों की नियुक्ति में पर्याप्त पृष्ठभूमि जांच न होने पर भी सवाल उठे हैं।
एसआईटी की जांच में 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया, जिसमें लगभग 70 बार नकदी चोरी के प्रयास के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपी सीसीटीवी कैमरों के ब्लाइंड स्पॉट की जानकारी रखते थे और उसका फायदा उठाते थे।
अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें अधिकतर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से जुड़े कर्मचारी हैं, जो मंदिर के दान की गिनती में सहायता करते थे।
इस बीच, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने वालों को भगवान राम भी माफ नहीं करेंगे और सरकार धन को धर्म से ऊपर रख रही है।
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