वर्ष 2026 का अर्थशास्त्र का नोबेल स्मृति पुरस्कार अमेरिकी अर्थशास्त्रियों रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को प्रदान किया गया है। दोनों को व्यापक आर्थिक स्थिरता के प्रबंधन की सूक्ष्म आर्थिक बुनियाद पर उनके शोध के लिए सम्मानित किया गया। पुरस्कार की घोषणा स्वीडन के स्टॉकहोम में रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने की।
इन अर्थशास्त्रियों का शोध यह समझने में मदद करता है कि आर्थिक सिद्धांतों के जरिए महंगाई, मंदी और अर्थव्यवस्था में होने वाले उतार-चढ़ाव को किस तरह समझा और नियंत्रित किया जा सकता है। पुरस्कार चयन समिति के अध्यक्ष जॉन हासलर ने कहा कि दोनों का काम ऐसे आर्थिक मॉडलों को मजबूत सैद्धांतिक आधार देता है, जिनका इस्तेमाल दुनिया भर के केंद्रीय बैंक और सरकारें करती हैं।
हासलर के मुताबिक, इन मॉडलों से ऊर्जा संकट या परिवारों के खर्च में अचानक होने वाले बदलाव जैसी आर्थिक चुनौतियों से निपटने की बेहतर तैयारी की जा सकती है।
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करीब 1.2 मिलियन डॉलर की पुरस्कार राशि
इस वर्ष पुरस्कार के तहत 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर दिए जाएंगे, जो लगभग 12 लाख अमेरिकी डॉलर के बराबर हैं। अर्थशास्त्र का यह पुरस्कार औपचारिक रूप से ‘अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में बैंक ऑफ स्वीडन पुरस्कार’ कहलाता है।
स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने 1968 में इस पुरस्कार की स्थापना की थी। यह अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिया जाता है। नोबेल 19वीं सदी के स्वीडिश कारोबारी और रसायनशास्त्री थे, जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया था और मूल पांच नोबेल पुरस्कारों की व्यवस्था स्थापित की थी।
अर्थशास्त्र का पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल द्वारा स्थापित मूल पांच पुरस्कारों में शामिल नहीं था। हालांकि, अब यह हर वर्ष अन्य नोबेल पुरस्कारों के साथ 10 दिसंबर को प्रदान किया जाता है। यह तारीख अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि है।
दोनों अर्थशास्त्रियों की उपलब्धि
रॉबर्ट ई. हॉल अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े हैं, जबकि माइकल वुडफोर्ड न्यूयॉर्क स्थित कोलंबिया विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। पुरस्कार की घोषणा के बाद वुडफोर्ड ने फोन पर समिति से बातचीत में इसे अपने लिए बहुत बड़ा सम्मान और अप्रत्याशित उपलब्धि बताया।
पिछले वर्ष यह पुरस्कार तीन शोधकर्ताओं को दिया गया था। उनके शोध में बताया गया था कि नए उत्पाद और आविष्कार आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकते हैं और लोगों के जीवन में सुधार ला सकते हैं, हालांकि इससे मौजूदा कंपनियों को नुकसान भी हो सकता है।
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