रूस ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव पर आतंकवाद में सहायता करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही रूसी अधिकारियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय वांछित सूची में भी शामिल कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब रूस पहले से ही देश में सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स में से एक टेलीग्राम पर कई तरह के प्रतिबंध लागू कर चुका है।
रूस की प्रमुख घरेलू सुरक्षा एजेंसी संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसएस) का आरोप है कि टेलीग्राम प्रशासन ने ऐसे कई चैनल, चैट और बॉट्स को हटाने में विफलता दिखाई, जिनका कथित तौर पर यूक्रेन की खुफिया एजेंसियां, आतंकवादी संगठन और चरमपंथी समूह रूस के भीतर तोड़फोड़, आतंकवादी हमलों, सामूहिक हत्याओं और साइबर धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों की योजना बनाने और समन्वय के लिए उपयोग कर रहे थे।
एफएसएस का कहना है कि इन डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से अवैध गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था, लेकिन बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। इसी आधार पर पावेल दुरोव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
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पावेल दुरोव, जिन्होंने वर्ष 2021 में फ्रांस की नागरिकता प्राप्त की थी, वर्तमान में दुबई में रहते हैं। उनके खिलाफ उठाए गए इस कदम को रूस और वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच बढ़ते तनाव के रूप में भी देखा जा रहा है।
फिलहाल पावेल दुरोव या टेलीग्राम की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि रूस आगे उनके प्रत्यर्पण या अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए क्या कदम उठाएगा।
यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्मों की जवाबदेही, राष्ट्रीय सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ी वैश्विक बहस को भी नया आयाम दे सकता है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।
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