भारतीय डेविस कप टीम करीब 30 साल बाद विश्व फाइनल में जगह बनाने के बड़े अवसर के सामने है। भारत को विश्व ग्रुप के शीर्ष 16 में पहुंचने के बाद दक्षिण कोरिया के खिलाफ उसके घर में मुकाबला खेलना है। इस मैच में जीत से टीम इटली के बोलोन्या में होने वाले विश्व फाइनल के लिए क्वालिफाई कर सकती है।
भारतीय टीम के गैर-खेलने वाले कप्तान और पूर्व खिलाड़ी रोहित राजपाल ने मुकाबले से पहले टीम की संभावनाओं, खिलाड़ियों की क्षमता और कोर्ट की परिस्थितियों पर बात की। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया की टीम मजबूत है और वह चाहते थे कि मुकाबला भारत में खेला जाता।
राजपाल ने कहा कि भारत के पास एकल वर्ग में सुमित नागल और सुरेशकुमार दक्षिणेश्वर जैसे अच्छे खिलाड़ी हैं। यदि दोनों अपनी पूरी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करते हैं, तो भारत के पास जीत का मजबूत मौका होगा। उन्होंने युगल वर्ग में भी भारतीय टीम की गहराई पर भरोसा जताया।
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दक्षिण कोरिया में आउटडोर हार्ड कोर्ट पर खेलने की चुनौती को लेकर राजपाल ने कहा कि कोर्ट की गति और उछाल अहम भूमिका निभाएंगे। सुमित नागल को अपेक्षाकृत धीमा और उछाल वाला कोर्ट पसंद है, इसलिए स्थानीय परिस्थितियां चुनौती बन सकती हैं।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोधी खिलाड़ियों की कमजोरियों का अध्ययन बेहद जरूरी है। टीम को खिलाड़ियों की फॉर्म, रणनीति और खेल शैली पर लगातार नजर रखनी होगी।
राजपाल ने सामूहिक निर्णय लेने की नीति पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, कप्तान को वरिष्ठ खिलाड़ियों से चर्चा कर रणनीति बनानी चाहिए और पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के आत्मविश्वास तथा विचारों को समझना चाहिए।
उन्होंने सुमित नागल की निरंतरता की प्रशंसा की और कहा कि सुरेशकुमार दक्षिणेश्वर में शीर्ष 50 तक पहुंचने की क्षमता है। राजपाल ने सरकारी सहायता, निजी प्रायोजन, कोचिंग और फिजियो सुविधाओं को भारतीय टेनिस के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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