यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस ने ईरान द्वारा सऊदी अरब में अमेरिकी एयरबेस पर हमले से कुछ दिन पहले सैटेलाइट से उस एयरबेस की तस्वीरें ली थीं। इस हमले में प्रिंस सुलतान एयर बेस पर कम से कम छह बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन हमले शामिल थे, जिसमें 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए और दो की हालत गंभीर है।
ज़ेलेंस्की ने बताया कि 24 मार्च से 26 मार्च के बीच रूस के सैटेलाइट ने मध्य पूर्व के कई अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों की निगरानी की। सऊदी अरब, कुवैत, कतर, तुर्की और हिन्द महासागर क्षेत्र के महत्वपूर्ण बेस और इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीरें ली गईं।
उन्होंने कहा कि 24 मार्च को रूस ने डिएगो गार्सिया में अमेरिकी-यूके संयुक्त सैन्य सुविधा की तस्वीरें लीं। 25 मार्च को प्रिंस सुलतान एयर बेस की तस्वीरें ली गईं, और 26 मार्च को सैयबह ऑयल व गैस फील्ड, कतर का अल उदैद एयर बेस और तुर्की का इन्किरलिक एयर बेस के फोटो खींचे गए।
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ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस ने 20, 23 और 25 मार्च को सऊदी अरब के प्रिंस सुलतान एयर बेस की तस्वीरें ली थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस ने ईरान को अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए खुफिया जानकारी साझा की।
इस घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है और मध्य पूर्व में सुरक्षा स्थितियों पर सवाल उठाए हैं।
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