अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाए गए एक बड़े अभियान में तुर्की की सुरक्षा एजेंसियों ने भारतीय ड्रग माफिया से जुड़े माने जा रहे सलीम डोला को इस्तांबुल में गिरफ्तार कर लिया है। भारतीय एजेंसियों ने इस कार्रवाई को वैश्विक नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है। डोला पर आरोप है कि वह लंबे समय से एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का संचालन कर रहा था, जिसकी पहुंच कई देशों तक फैली हुई थी।
सूत्रों के अनुसार, सलीम डोला विदेश में बैठकर अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था और सिंथेटिक ड्रग्स के कारोबार में उसकी अहम भूमिका थी। उसकी सप्लाई चेन भारत समेत कई क्षेत्रों तक फैली हुई बताई जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह भारत में ड्रग्स की तस्करी के बड़े चैनल को नियंत्रित करता था।
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू उसका अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से कथित संबंध है। अधिकारियों का कहना है कि यह कनेक्शन संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के बीच गहरे गठजोड़ की ओर इशारा करता है।
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डोला पहले मुंबई में सक्रिय था, लेकिन बाद में उसने अपना ठिकाना दुबई बना लिया, जहां से वह अपने नेटवर्क को संचालित करता रहा। वर्ष 2025 में मुंबई पुलिस ने उसके कई करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया था और उसके परिवार के कुछ सदस्यों को भी हिरासत में लिया था।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने पहले ही उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था और उसकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया गया था। हालांकि, तुर्की से भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जटिल हो सकती है। भारतीय एजेंसियां अब उसे भारत लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास कर रही हैं।
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