उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने बुधवार को बड़ी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई करते हुए 10.5 बीघा से अधिक सरकारी और कब्रिस्तान की जमीन को कथित अवैध कब्जे से मुक्त कराया। इस अभियान के दौरान बुलडोजर की मदद से एक कथित अवैध ईदगाह, मस्जिद, दो मीनारों और दो मकानों को ध्वस्त किया गया।
प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई संभल के मढ़न गांव में की गई और करीब छह घंटे तक चली। अधिकारियों ने बताया कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, उसकी अनुमानित कीमत पांच करोड़ रुपये से अधिक है। प्रशासन का दावा है कि इस जमीन पर कई वर्षों से अवैध कब्जा था और पिछले तीन-चार वर्षों से यहां अवैध प्लॉटिंग भी की जा रही थी।
अधिकारियों के मुताबिक, मामला अदालत तक पहुंचने के बाद अप्रैल में सभी अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने जमीन की पैमाइश और सीमांकन कराया। जांच के बाद सरकारी और कब्रिस्तान की भूमि पर बने अवैध ढांचों को हटाने की कार्रवाई की गई।
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कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए करीब 100 जवानों की रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) भी तैनात की गई थी।
जमीन की माप और सीमांकन का काम दो नायब तहसीलदारों और आठ लेखपालों की टीम ने पूरा किया। इसके बाद चिह्नित अवैध निर्माणों को हटाया गया, जिसमें सरकारी जमीन पर बने दो मकान भी शामिल थे।
प्रशासन ने कहा कि क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में अवैध निर्माण और जमीन पर कब्जे की गतिविधियां बढ़ी थीं। अधिकारियों का आरोप है कि सरकारी भूमि को व्यावसायिक प्लॉट में बदलने की कोशिश की जा रही थी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, ध्वस्त किए गए धार्मिक स्थलों के प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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