कर्नाटक कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जरकीहोली को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वे मौजूदा अध्यक्ष डीके शिवकुमार की जगह लेंगे।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने सतीश जरकीहोली को यह प्रस्ताव दिया है कि वे या तो राज्य मंत्रिमंडल में कोई जिम्मेदारी संभालें या फिर पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष बनें। यह प्रस्ताव कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से दिया गया है। इस पर जरकीहोली ने कहा है कि वे अंतिम निर्णय सिद्धारमैया से चर्चा के बाद लेंगे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब एक दिन पहले ही सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार जल्द ही नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं।
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यदि सतीश जरकीहोली इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं, तो वे कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बन जाएंगे। हालांकि वे चाहते हैं कि उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में भी भूमिका दी जाए, लेकिन पार्टी नेतृत्व ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत पर जोर दे रहा है।
सतीश जरकीहोली का जन्म 1 जून 1962 को बेलगावी जिले में हुआ था। वे कर्नाटक के शुगर बेल्ट क्षेत्र के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके भाई रमेश जरकीहोली और बालचंद्र जरकीहोली भी विधायक हैं और राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं।
जरकीहोली को संगठनात्मक नेतृत्व में मजबूत और सभी वर्गों में स्वीकार्य नेता माना जाता है। उन्हें पिछड़े वर्गों, दलितों और आदिवासी समुदायों का भी समर्थन प्राप्त है। उनकी प्रशासनिक अनुभव को भी पार्टी में अहम माना जाता है।
अब देखना यह होगा कि क्या सतीश जरकीहोली पार्टी के प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं या फिर कर्नाटक कांग्रेस में कोई और नया समीकरण सामने आता है।
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