सऊदी अरब ने पवित्र शहर मक्का के पास यमन के हूती आंदोलन द्वारा लॉन्च किए गए एक ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, रॉयल सऊदी वायु रक्षा बलों ने मंगलवार शाम 15 सितंबर को मक्का के दक्षिण में ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया, इससे पहले कि वह शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करता।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने घटना को ‘‘शत्रुतापूर्ण और आतंकवादी कृत्य’’ बताया। उन्होंने कहा कि ड्रोन हूती आंदोलन की ओर से लॉन्च किया गया था। अल-मलिकी ने चेतावनी दी कि दो पवित्र मस्जिदों और जायरीनों की सुरक्षा ‘रेड लाइन’ है। उन्होंने कहा कि हूतियों के खिलाफ जरूरी और निवारक कदम उठाने में संयुक्त बल कमान पीछे नहीं हटेगी।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इसे मक्का को निशाना बनाने की कथित दूसरी कोशिश बताया है। उसने जुलाई 2017 में हुए एक बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण का भी जिक्र किया, जिसके बारे में सऊदी अधिकारियों ने तब दावा किया था कि उसका लक्ष्य मक्का था।
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इस बीच, हूती आंदोलन ने सऊदी अरब के दावे को खारिज किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने पहले आरोप लगाया था कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने 24 घंटे में यमन पर 52 हवाई हमले किए। उनके मुताबिक, हमलों में तैज प्रांत में स्कूलों, पुलों और सड़कों समेत नागरिक ढांचे को निशाना बनाया गया। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटनाक्रम यमन, सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है। क्षेत्र में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर भी सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। हूतियों द्वारा पहले भी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है।
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