होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच 20 से अधिक देशों ने समुद्री जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए समर्थन का आश्वासन दिया है और ईरान के हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। यह जलडमरूमध्य दुनिया की प्रमुख तेल और गैस आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, और इसके प्रभावी रूप से बंद होने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ा दी है।
22 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान की कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की। इनमें अधिकांश यूरोपीय देश शामिल हैं, साथ ही संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन भी शामिल हैं। बयान में कहा गया, "हम ईरान द्वारा खाड़ी में निहत्थे वाणिज्यिक जहाजों पर हालिया हमलों, तेल और गैस सहित नागरिक ढांचागत सुविधाओं पर हमलों और ईरानी बलों द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद किए जाने की सबसे कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं।"
साथ ही इन देशों ने कहा कि वे इस रणनीति में सहयोग करने के लिए तैयार हैं ताकि जलडमरूमध्य में सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने उन देशों की योजनाओं का स्वागत किया जो पहले से ही इस प्रयास में शामिल हैं। बयान में तत्काल और व्यापक रूप से नागरिक ढांचागत सुविधाओं, विशेष रूप से ऊर्जा संस्थानों पर हमलों को रोकने का आग्रह भी किया गया।
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विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, और इसे बंद करने से अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजारों में बड़े पैमाने पर अस्थिरता आ सकती है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का संयुक्त रुख ईरान पर दबाव बढ़ाने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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