तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (एआईएडीएमके) से निष्कासित वरिष्ठ नेता ओ. पन्नीरसेल्वम, जिन्हें ओपीएस के नाम से जाना जाता है, आज द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) में शामिल हो सकते हैं। यह घटनाक्रम 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा के चुनाव से ठीक पहले सामने आया है।
75 वर्षीय ओ. पन्नीरसेल्वम तमिलनाडु के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और राज्य की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है। सूत्रों के अनुसार, डीएमके उन्हें थेनी जिले की बोदिनायकनूर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बना सकती है।
गौरतलब है कि पिछला विधानसभा चुनाव ओ. पन्नीरसेल्वम ने इसी बोदिनायकनूर सीट से जीता था। उन्हें उस चुनाव में एक लाख से अधिक वोट मिले थे, जबकि डीएमके के उम्मीदवार थंगा तमिल सेल्वन को 89,029 वोट प्राप्त हुए थे। अब यदि वे डीएमके में शामिल होते हैं, तो यह राज्य की राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
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एआईएडीएमके से निष्कासन के बाद ओपीएस अपने समर्थकों के साथ अलग राजनीतिक रणनीति पर काम कर रहे थे। ऐसे में डीएमके में संभावित एंट्री को चुनावी दृष्टि से अहम माना जा रहा है। तमिलनाडु की राजनीति में यह कदम आगामी चुनाव परिणामों पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।
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