ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में तबाह किए गए आतंकी ठिकानों के दोबारा बनाए जाने की खबर सामने आई है। The Indian Witness द्वारा प्राप्त विशेष वीडियो में बहावलपुर, सवाई नाला और मुजफ्फराबाद में इन ठिकानों पर नए निर्माण के स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे हैं। इन स्थानों पर नई ईंटों और नई दीवारों से निर्माण किया जा रहा है।
लश्कर-ए-तैयबा के सवाई नाला कैंप का पुनर्निर्माण
पहला वीडियो लश्कर-ए-तैयबा के सवाई नाला कैंप का बताया जा रहा है। यह कैंप आतंकियों के ठहरने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसे पूरी तरह तबाह किए जाने का दावा किया गया था, लेकिन अब यहां दोबारा निर्माण होता दिखाई दे रहा है।
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दूसरी तस्वीर पीओके के मुजफ्फराबाद स्थित सैदा बिलाल कैंप की है। यह जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख केंद्र बताया जाता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस ठिकाने को भी निशाना बनाया गया था और इसे भारी नुकसान पहुंचा था। अब वहां नई दीवारें और ईंटों से निर्माण के प्रमाण दिखाई दे रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में भी इन आतंकी ठिकानों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। अब इनके दोबारा उभरने से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को फिर खड़ा करने की कोशिश जारी है।
पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने पिछले महीने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के प्रति भारत की रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया। उनके मुताबिक, कार्रवाई केवल सीमा के पास मौजूद आतंकी ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आतंकवादियों के गहरे नेटवर्क और उन्हें समर्थन देने वालों को भी निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा कि उरी और पुलवामा जैसे हमलों के बाद भारत ने मुख्य रूप से सीमा के निकट स्थित ठिकानों पर कार्रवाई की थी। नरवणे ने भारत-चीन संबंधों पर भी कहा कि अजीत डोभाल और वांग यी के बीच बातचीत को लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के संदर्भ में देखना चाहिए।
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