अमेरिका और ईरान के बीच तीन महीने से अधिक समय तक चले संघर्ष को समाप्त करने के लिए हुए समझौते को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में सवाल उठने लगे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसदों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से इस समझौते पर तत्काल ब्रीफिंग देने की मांग की है।
रिपोर्ट में प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ डेमोक्रेट ग्रेगरी मीक्स, खुफिया समिति के वरिष्ठ सदस्य जिम हाइम्स और सशस्त्र सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्य एडम स्मिथ ने कहा कि जैसे ही मार्को रुबियो वाशिंगटन लौटें, उन्हें कांग्रेस को समझौते की पूरी जानकारी देनी चाहिए।
वर्तमान में मार्को रुबियो, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन और अन्य बैठकों में शामिल हैं। सांसदों का कहना है कि कांग्रेस को यह जानने का अधिकार है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) में क्या शर्तें शामिल हैं और सरकार इसे किस तरह लागू करने की योजना बना रही है।
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सांसदों ने कहा कि वे प्रशासन द्वारा युद्ध समाप्त करने और कूटनीति की राह अपनाने का स्वागत करते हैं, लेकिन समझौते, उससे जुड़े किसी भी सहायक समझौते और 60 दिनों की युद्धविराम अवधि की रणनीति के बारे में विस्तृत जानकारी आवश्यक है।
डेमोक्रेट नेताओं ने ईरान पर प्रतिबंधों में संभावित राहत, उसके परमाणु कार्यक्रम और पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित आर्थिक सहायता को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने समझौते को लेकर सार्वजनिक रूप से अलग-अलग बयान दिए हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।
सांसदों ने यह भी जानना चाहा है कि क्या समझौते में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और मध्य पूर्व में सक्रिय उसके समर्थित समूहों पर कोई प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि संघर्ष में 14 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई, सैकड़ों घायल हुए और वैश्विक व्यापार व ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर पड़ा।
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