अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन उद्योगों पर लगी कई पाबंदियों में ढील देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। ट्रंप सरकार ने घोषणा की कि वह उस नियम को समाप्त कर रही है, जिसमें संरक्षण गतिविधियों को विकास कार्यों के बराबर महत्व दिया गया था।
यह नियम पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में 2024 में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य अमेरिकी आंतरिक विभाग के ब्यूरो ऑफ लैंड मैनेजमेंट के कामकाज को नए तरीके से व्यवस्थित करना था। यह विभाग अमेरिका की लगभग 10 प्रतिशत भूमि की देखरेख करता है। नियम के तहत सार्वजनिक जमीनों को पर्यावरण संरक्षण और पुनर्स्थापन कार्यों के लिए उसी तरह लीज पर देने की अनुमति थी, जैसे तेल कंपनियों को ड्रिलिंग के लिए जमीन दी जाती है।
अमेरिकी आंतरिक मंत्री डग बर्गम ने कहा कि यह नियम लाखों एकड़ जमीन तक पहुंच को बाधित कर सकता था। उनके अनुसार इससे ऊर्जा उत्पादन, लकड़ी उद्योग और सार्वजनिक जमीनों पर चराई करने वाले पशुपालकों को नुकसान पहुंचता।
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हालांकि पर्यावरण समर्थकों का कहना था कि संरक्षण को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। उनका तर्क था कि 1976 के फेडरल लैंड्स पॉलिसी मैनेजमेंट एक्ट के तहत पर्यावरण सुरक्षा भी भूमि प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उद्योग संगठनों और रिपब्लिकन नेताओं ने इस नियम का लगातार विरोध किया था। उनका कहना था कि बाइडेन प्रशासन ने “मल्टीपल यूज” नीति का उल्लंघन करते हुए संरक्षण को अत्यधिक प्राथमिकता दी।
ट्रंप प्रशासन सत्ता में आने के बाद से जीवाश्म ईंधन उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। अलास्का, कैलिफोर्निया, नेवादा, न्यू मैक्सिको, यूटा और व्योमिंग जैसे पश्चिमी राज्यों की सरकारी जमीनों पर ड्रिलिंग, खनन और लकड़ी कटाई को बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है।
इसके साथ ही ट्रंप प्रशासन ने कई नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को भी सीमित करने की कोशिश की है। प्रशासन का दावा है कि बाइडेन सरकार ने इन परियोजनाओं को अनुचित तरीके से सब्सिडी दी थी।
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