संयुक्त राज्य अमेरिका की 9वीं सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जन्मसिद्ध नागरिकता को समाप्त करने के प्रयास को असंवैधानिक करार दिया है। कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के उस आदेश को अवैध बताते हुए उसे लागू करने पर रोक को बरकरार रखा, जो अमेरिका में जन्मे अप्रवासी बच्चों को नागरिकता से वंचित करने की दिशा में उठाया गया था।
यह फैसला अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता प्राप्त करने के संवैधानिक अधिकार की पुष्टि करता है, जिसे 14वें संशोधन के तहत संरक्षित किया गया है। ट्रंप प्रशासन ने यह दावा किया था कि अवैध प्रवासियों के बच्चों को जन्मसिद्ध नागरिकता नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अधिकार संविधान द्वारा सुरक्षित है और इसे कार्यकारी आदेश द्वारा खत्म नहीं किया जा सकता।
तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप का आदेश न केवल संविधान का उल्लंघन करता है, बल्कि यह मौलिक नागरिक अधिकारों को भी चुनौती देता है। कोर्ट ने इस आदेश के खिलाफ पहले से जारी निषेधाज्ञा को बरकरार रखा है, जिससे यह मामला अब सर्वोच्च न्यायालय की ओर बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अमेरिकी संविधान और नागरिकता अधिकारों की व्याख्या के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है और भविष्य में इसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में इसकी समीक्षा से पहले ही यह मामला राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है।