अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ हुए व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे अमेरिकी कोयला निर्यात में बड़ा उछाल आएगा। उन्होंने कहा कि हाल के व्यापार समझौतों से अमेरिका की वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिति और मजबूत होगी और देश एक प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरेगा।
“चैंपियन ऑफ कोल” कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने भारत के साथ हुए इस समझौते को अमेरिका की ऊर्जा ताकत का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब दुनिया का नंबर एक ऊर्जा उत्पादक बन चुका है और तेजी से बड़ा ऊर्जा निर्यातक भी बन रहा है।
ट्रंप ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिका ने जापान, दक्षिण कोरिया और भारत सहित कई देशों के साथ ऐतिहासिक व्यापार समझौते किए हैं, जिनका उद्देश्य अमेरिकी कोयले के निर्यात को बड़े पैमाने पर बढ़ाना है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कोयला दुनिया में सबसे बेहतर गुणवत्ता वाला माना जाता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसे प्रीमियम उत्पाद के रूप में पेश किया जा रहा है।
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उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नई दिल्ली के साथ हुआ समझौता अमेरिकी कोयले को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इस रणनीति के तहत अमेरिका अपने ऊर्जा निर्यात को बढ़ाने और वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।
ट्रंप के मुताबिक, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ हुए समझौते भी अमेरिकी कोयले की विदेशी बाजारों में मांग बढ़ाने और निर्यात क्षमता मजबूत करने के लिए किए गए हैं। उनका कहना है कि इन समझौतों से अमेरिका की ऊर्जा आपूर्ति क्षमता और वैश्विक प्रभाव दोनों में बढ़ोतरी होगी।
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