अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान वॉशिंगटन के साथ कोई समझौता करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका ने संघर्ष की शुरुआत की, तो यह एक “क्षेत्रीय युद्ध” में बदल जाएगा। ट्रंप ने कहा कि यदि समझौता नहीं होता है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि खामेनेई की चेतावनी सही थी या नहीं।
फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो निवास पर बातचीत करते हुए ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य संसाधन तैनात किए हैं, लेकिन उसकी प्राथमिकता कूटनीतिक समाधान ही है। उन्होंने कहा, “हमारे पास दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ताकतवर जहाज वहां बहुत करीब हैं। उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में हम समझौता कर लेंगे। अगर समझौता नहीं हुआ, तो फिर यह पता चल जाएगा कि वह सही थे या नहीं।”
ट्रंप की यह टिप्पणी ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई के हालिया बयानों के जवाब में आई है। खामेनेई ने अपने बयान में अमेरिका को सैन्य कार्रवाई से आगाह किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह समझना चाहिए कि अगर उसने युद्ध शुरू किया, तो वह सीमित नहीं रहेगा और पूरे क्षेत्र में फैल जाएगा।
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खामेनेई ने यह भी कहा कि ईरान को युद्धपोतों और विमानों की धमकियों से डराया नहीं जा सकता। उन्होंने लिखा कि ईरानी जनता इस तरह की बयानबाजी से प्रभावित नहीं होती। साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध की शुरुआत नहीं करना चाहता, लेकिन किसी भी आक्रमण का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका पर यह आरोप भी लगाया कि वह ईरान के रणनीतिक संसाधनों और भौगोलिक स्थिति के कारण उस पर दबाव बनाना चाहता है। उन्होंने दोहराया कि ईरान किसी देश पर हमला नहीं चाहता, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
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