अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में सोमवार 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, यह भूकंप सुबह करीब 3:30 बजे आया। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था, जिससे क्षेत्र में हल्के से मध्यम झटके महसूस किए गए।
एनसीएस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, भूकंप का अक्षांश 9.03 डिग्री उत्तर और देशांतर 92.78 डिग्री पूर्व रिकॉर्ड किया गया।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, भूकंप के झटकों के बाद स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए दहशत देखी गई और कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
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गौरतलब है कि अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह को भारत के भूकंपीय जोन-5 में रखा गया है, जो देश का सबसे अधिक संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है। यह इलाका दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल है, जहां अतीत में कई बड़े भूकंप आ चुके हैं।
26 दिसंबर 2004 को आए विनाशकारी भूकंप ने अंडमान-निकोबार द्वीपों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी और सुनामी की घातक लहरें उठीं थीं, जिससे हजारों लोगों की जान गई और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ था।
विशेषज्ञों के अनुसार, कम गहराई में आने वाले भूकंप अधिक खतरनाक होते हैं क्योंकि उनकी तरंगें सतह तक कम दूरी तय करती हैं, जिससे जमीन का कंपन ज्यादा तेज होता है और नुकसान की आशंका बढ़ जाती है।
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