मध्य पूर्व में तीन महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ट्रंप समझौते पर हस्ताक्षर करने से कुछ क्षण पहले कहते सुनाई दे रहे हैं कि “यह आसान नहीं था।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल माध्यम से इस महत्वपूर्ण शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता कई दिनों तक चली गहन वार्ताओं और कूटनीतिक बातचीत के बाद संभव हो सका। समझौते का उद्देश्य मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को समाप्त करना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़े असर को कम करना है।
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद ट्रंप ने दस्तावेज भी प्रदर्शित किया। इस दौरान का वीडियो फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। मैक्रों ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे मध्य पूर्व में शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह समझौता ऊर्जा कीमतों में कमी लाने और वैश्विक आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने में मदद करेगा। समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का रास्ता साफ होगा, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।
वहीं, ईरान ने समझौते का स्वागत तो किया, लेकिन इसे अमेरिका की विफलता का प्रमाण भी बताया। ईरान की संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से सेवा शुल्क वसूलने का अधिकार रखता है।
समझौते में ईरान द्वारा परमाणु हथियार विकसित नहीं करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी में संवर्धित परमाणु सामग्री के भंडार को कम करने का प्रावधान भी शामिल है।
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