अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्धों को सुलझाया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा नहीं है कि प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार उन्हें दिया जाएगा।
2026 के नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर सवाल पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि पुरस्कार से जुड़ा निर्णय क्या होगा। उन्होंने दावा किया कि नोबेल पुरस्कार समिति की ऐसी प्रतिष्ठा है कि शायद वह उनके जैसे लोगों को यह सम्मान न दे।
ट्रंप ने कहा कि अब पुरस्कार का समय आ गया है। उन्होंने पिछले अवसर का जिक्र करते हुए कहा कि वह अप्रत्यक्ष रूप से सम्मानित महसूस कर चुके हैं, क्योंकि पिछली बार पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति ने कहा था कि इतिहास में राष्ट्रपति ट्रंप से ज्यादा कोई इसका हकदार नहीं है।
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2026 का नोबेल शांति पुरस्कार मारिया कोरिना मचाडो को
2026 का नोबेल शांति पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को दिया गया। इस वर्ष जनवरी में मचाडो ने यह पुरस्कार ट्रंप को समर्पित किया था। ट्रंप ने उस समय इसे आपसी सम्मान का शानदार संकेत बताया था और मचाडो को शानदार महिला कहा था।
राष्ट्रपति पद पर लौटने के बाद से ट्रंप लगातार दावा करते रहे हैं कि उन्होंने कई युद्धों को खत्म कराया या सुलझाया है और इसी आधार पर वह नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं। उन्होंने ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए यह भी दावा किया कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया।
ओबामा पर साधा निशाना
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ओबामा को राष्ट्रपति पद के पहले ही वर्ष नोबेल शांति पुरस्कार मिला था। ओबामा को 2009 में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और देशों के बीच सहयोग मजबूत करने के प्रयासों के लिए यह सम्मान दिया गया था।
ट्रंप ने कहा कि पुरस्कार मिले या नहीं, उन्होंने शांति के लिए बहुत कुछ किया है और उन्हें पुरस्कार नहीं देना नोबेल समिति के लिए बड़ा नुकसान होगा।
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