प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया और भारत के तेजी से बढ़ते टेलीकॉम तथा डिजिटल कनेक्टिविटी इकोसिस्टम की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पिछले आयोजनों से जुड़े महत्वपूर्ण पड़ावों को याद किया, जिसमें 2022 में 5जी की शुरुआत और इसके बाद देशभर में टेलीकॉम नेटवर्क के लगातार विस्तार का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि 5जी की शुरुआत के बाद अब देश में 5.5 लाख से अधिक बेस स्टेशन हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश 5जी पहुंच वाले भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
कोरोना काल में डिजिटल कनेक्टिविटी बनी जीवनरेखा
पीएम मोदी ने 2020 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान मोबाइल एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी की भूमिका को भी याद किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल नेटवर्क की मदद से बच्चों की पढ़ाई जारी रही, लोग एक-दूसरे के संपर्क में रहे और घर से काम करना संभव हुआ।
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उन्होंने बताया कि डिजिटल कनेक्टिविटी ने सरकार को विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने में भी मदद की। पीएम-किसान सम्मान निधि का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को हर चार महीने में मिलने वाली वित्तीय सहायता की जानकारी सीधे उनके मोबाइल फोन पर मिल जाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्मार्टफोन अब केवल कॉल और संदेश तक सीमित नहीं हैं। बेहतर नेटवर्क और फाइबर कनेक्टिविटी से सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान और तेज हुई है। सरकार दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल टावर और फाइबर नेटवर्क का विस्तार कर रही है।
गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन में तेजी
पीएम मोदी ने भारत के बढ़ते गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन उद्योग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में 50 करोड़ से अधिक लोग गेमिंग इकोसिस्टम से जुड़े हैं, जिनमें छोटे शहरों और कस्बों के युवा भी बड़ी संख्या में शामिल हैं।
बेहतर कनेक्टिविटी ने युवाओं को गेमिंग, डिजिटल कंटेंट और कारोबार के नए अवसर दिए हैं। क्षेत्रीय भाषाओं में ओटीटी कंटेंट की लोकप्रियता भी बढ़ी है। प्रधानमंत्री ने डीपफेक, साइबर अपराध और फर्जी संदेशों से बचने के लिए डिजिटल जागरूकता को भी जरूरी बताया।
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