अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (11 जनवरी 2026) को क्यूबा को कड़ी चेतावनी दी और सुझाव दिया कि छोटे द्वीप राष्ट्र को अमेरिका के साथ जल्द ही किसी समझौते पर पहुंच जाना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि अब क्यूबा को वेनेजुएला से तेल या धन नहीं मिलेगा। उन्होंने यह चेतावनी एक साक्षात्कार में दी।
ट्रंप ने लिखा, “क्यूबा को अब न तो तेल मिलेगा और न ही पैसा — शून्य! मैं दृढ़ता से सुझाव देता हूं कि वे समझौता करें, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।” उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक क्यूबा वेनेजुएला से तेल और धन प्राप्त करता रहा है, और इसके बदले उसने वेनेजुएला को सुरक्षा सेवाएं प्रदान कीं, “लेकिन अब ऐसा नहीं है।”
वेनेजुएला लंबे समय से क्यूबा का प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता रहा है। जनवरी से नवंबर 2025 के बीच वेनेजुएला ने प्रतिदिन लगभग 27,000 बैरल तेल क्यूबा को भेजा, जिससे क्यूबा के तेल घाटे का करीब 50 प्रतिशत पूरा होता था।
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ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई कर वहां के नेता निकोलस मादुरो को ढेर कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद क्यूबा को होने वाली ऊर्जा सहायता और आर्थिक समर्थन पर भारी चिंता पैदा हो गई है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टों के अनुसार क्यूबा की अर्थव्यवस्था पहले से ही ऊर्जा कटौती, व्यापार प्रतिबंध और अन्य समस्याओं से जूझ रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि द्वीप राष्ट्र “गिरने वाला” है या नहीं, जैसा कि ट्रंप ने संकेत दिया है।
क्यूबा सरकार ने इस चेतावनी का डटकर विरोध किया है और अपनी संप्रभुता पर जोर दिया है कि वह इच्छुक निर्यातकों से तेल खरीदने का अपना अधिकार बनाए रखता है। इस बात की भी चिंता है कि वेनेजुएला से तेल की सप्लाई में कटौती से क्यूबा की ऊर्जा स्थिति और खराब हो सकती है।
ट्रंप के बयान के बाद क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है, खासकर अमेरिका, वेनेजुएला और क्यूबा के बीच आर्थिक व ऊर्जा दबाव को लेकर।
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